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कर रिटर्न भरते समय बहुत-से लोग सीधे आय भर देते हैं, यह जाने बिना कि आयकर विभाग के पास पहले से उनकी आय और कटे हुए कर (TDS) की जानकारी होती है। Form 26AS और AIS (एन्युअल इन्फ़ॉर्मेशन स्टेटमेंट) इसी जानकारी को दर्शाते हैं।

रिटर्न भरने से पहले इन्हें देखना बड़ी ग़लतियों से बचाता है।

ये क्या दिखाते हैं

मोटे तौर पर, ये दस्तावेज़ आपके नाम पर काटे या जमा किए गए कर, और विभाग को रिपोर्ट किए गए कुछ बड़े लेन-देन की झलक देते हैं। इससे आप देख सकते हैं कि विभाग की जानकारी और आपकी अपनी जानकारी मेल खाती है या नहीं।

बेमेल होने पर उसे सुलझाना ज़रूरी है, ताकि बाद में नोटिस न आए।

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मिलान की आदत

रिटर्न भरने से पहले अपनी आय और कटे कर को इन दस्तावेज़ों से मिलाना एक अच्छी आदत है। इससे भूल-चूक, छूटी हुई आय, या ग़लत TDS जैसी समस्याएँ पहले ही पकड़ में आ जाती हैं।

यह छोटा-सा क़दम बाद की बड़ी परेशानी से बचाता है।

संदेह हो तो पूछें

ये दस्तावेज़ और उनके नियम समय के साथ बदल सकते हैं, और जटिल मामलों में विशेषज्ञ की मदद उपयोगी है। मक़सद है सही, पारदर्शी रिटर्न भरना।

यह लेख सामान्य जानकारी है, कर सलाह नहीं।