क्रेडिट कार्ड के बिल पर एक छोटा-सा शब्द होता है — “मिनिमम अमाउंट ड्यू”। यह देखकर लगता है कि बस इतना भर देने से काम चल जाएगा। यही ग़लतफ़हमी बहुत-से लोगों को धीरे-धीरे कर्ज़ के जाल में खींच लेती है।
इस जाल को समझना बहुत ज़रूरी है।
सिर्फ़ मिनिमम भरने पर क्या होता है
जब आप सिर्फ़ मिनिमम भरते हैं, तो बचा हुआ बड़ा हिस्सा बहुत ऊँची ब्याज दर पर बढ़ने लगता है, और नई ख़रीद पर भी अक्सर ब्याज-मुक्त अवधि ख़त्म हो जाती है। हर महीने मिनिमम भरते रहने पर कर्ज़ घटने के बजाय बढ़ सकता है।
बिल का “राहत भरा” छोटा हिस्सा असल में सबसे महँगा रास्ता है।
सही आदत
सुरक्षित रहने का नियम सरल है — हर महीने पूरा बिल भरें। अगर किसी महीने पूरा भरना संभव न हो, तो मिनिमम को हल नहीं, बल्कि चेतावनी मानें, और जितना अधिक हो सके भरें व ख़र्च रोकें।
लगातार सिर्फ़ मिनिमम भरना एक संकेत है कि ख़र्च आपकी क्षमता से ज़्यादा है।
जाल से दूर रहें
“मिनिमम ड्यू” को कभी सामान्य आदत न बनने दें। यह सुविधा जैसा दिखता है, पर व्यवहार में यह महँगे कर्ज़ का दरवाज़ा है। पूरा भरें, और कार्ड आपका औज़ार बना रहेगा।
यह लेख सामान्य जानकारी है।