क्रेडिट कार्ड अपने-आप में न अच्छा है, न बुरा — यह एक औज़ार है। सही आदतों के साथ यह सुविधा, सुरक्षा और इनाम देता है; ग़लत आदतों के साथ यह सबसे महँगे कर्ज़ों में से एक बन जाता है।
फ़र्क़ कार्ड में नहीं, इस्तेमाल में है।
सुनहरा नियम: पूरा बिल भरें
सबसे ज़रूरी आदत है — हर महीने पूरा बिल समय पर भरना, सिर्फ़ “मिनिमम ड्यू” नहीं। पूरा भरने पर आपको ब्याज नहीं लगता और कार्ड के सारे फ़ायदे मुफ़्त में मिलते हैं। मिनिमम भरने पर बचा हुआ पैसा बहुत ऊँची ब्याज दर पर बढ़ने लगता है।
यही एक आदत क्रेडिट कार्ड को औज़ार या जाल बनाती है।
और अच्छी आदतें
कार्ड को अपनी क्षमता से ज़्यादा ख़र्च का बहाना न बनने दें — इसे उतना ही इस्तेमाल करें जितना आप वैसे भी भर सकते। अपनी क्रेडिट लिमिट का बहुत बड़ा हिस्सा हर समय इस्तेमाल करने से बचें, और कार्ड की जानकारी सुरक्षित रखें।
नक़दी निकालने (कैश एडवांस) जैसी महँगी सुविधाओं से बचें।
औज़ार के रूप में
अनुशासन के साथ, क्रेडिट कार्ड आपका क्रेडिट स्कोर बनाने, सुरक्षित भुगतान करने और इनाम पाने में मदद करता है। बिना अनुशासन के, यह चुपचाप कर्ज़ के जाल में खींच लेता है। चुनाव आपकी आदतों का है।
यह लेख सामान्य जानकारी है।