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भारत में एंडोमेंट और मनी-बैक जैसे पारंपरिक बीमा प्लान बहुत बिकते हैं, क्योंकि वे “बीमा के साथ बचत/गारंटीड रिटर्न” का आकर्षक वादा करते हैं। इन्हें ख़रीदने से पहले इनकी असली प्रकृति समझना ज़रूरी है।

ये मिश्रित उत्पाद हैं, और मिश्रण की अपनी क़ीमत होती है।

कवर और रिटर्न, दोनों साधारण

ऐसे प्लान में अक्सर बीमा कवर आपकी असली ज़रूरत से कम होता है, और बचत हिस्से का रिटर्न भी आमतौर पर साधारण। यानी एक ही उत्पाद में न पर्याप्त सुरक्षा, न अच्छी वृद्धि — जबकि प्रीमियम बड़ा और अवधि लंबी।

यही कारण है कि कई जानकार लोग “सुरक्षा” और “निवेश” को अलग रखने की सलाह देते हैं।

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फिर भी कब उपयुक्त

इसका मतलब यह नहीं कि ऐसे प्लान हर किसी के लिए ग़लत हैं। जिन्हें एक बहुत सुरक्षित, अनुशासित, गारंटीड-सा साधन चाहिए और जो कम रिटर्न स्वीकार कर सकते हैं, उनके लिए इनकी एक भूमिका हो सकती है। पर यह समझकर लें, बिकवाकर नहीं।

लॉक-इन और बीच में बंद करने की शर्तें ज़रूर देखें।

फ़ैसले से पहले तुलना करें

ख़रीदने से पहले सोचें — क्या एक सादा टर्म प्लान (सुरक्षा के लिए) और अलग निवेश (वृद्धि के लिए) आपके लक्ष्य को बेहतर पूरा करेगा? कवर, रिटर्न, लागत और अवधि की तुलना करें, फिर तय करें।

यह लेख सामान्य जानकारी है, कोई उत्पाद-विशेष सलाह नहीं।