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डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ ऑनलाइन ठगी भी बढ़ी है। ठग लगातार नए बहाने और तरीक़े गढ़ते हैं, पर ग़ौर करें तो उनके पीछे की चालें अक्सर कुछ ही जानी-पहचानी होती हैं।

इन पैटर्न को पहचानना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

नक़ली मदद और नक़ली नंबर

एक आम चाल है ख़ुद को बैंक, कंपनी या “कस्टमर केयर” बताना, और किसी समस्या को “ठीक करने” के बहाने आपसे OTP, PIN या स्क्रीन-शेयरिंग माँगना। याद रखें — असली बैंक कभी OTP/PIN नहीं माँगता। कस्टमर केयर नंबर हमेशा आधिकारिक ऐप या कार्ड के पीछे से लें, गूगल सर्च से नहीं।

नक़ली नंबर अक्सर सर्च में ऊपर दिखते हैं।

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लालच और डर के जाल

दूसरा आम पैटर्न है लालच — इनाम, लॉटरी, बड़ा रिटर्न, या सस्ती डील का लालच देकर लिंक पर क्लिक या भुगतान कराना। तीसरा है डर — “आपका खाता बंद हो जाएगा”, “KYC अपडेट करें वरना…”। दोनों का मक़सद है आपको सोचने का समय न देना।

जो पेशकश बहुत अच्छी लगे, वह अक्सर झूठी होती है।

सामान्य बचाव

किसी भी अनचाहे कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें; OTP/PIN कभी साझा न करें; और संदेह हो तो रुककर आधिकारिक चैनल से जाँचें। जल्दबाज़ी ठग का सबसे बड़ा हथियार है — इसलिए ठहरना ही आपका सबसे अच्छा बचाव है।

यह लेख सामान्य जागरूकता के लिए है।